आगराउत्तर प्रदेश

लॉर्ड कृष्णा पब्लिक स्कूल की फर्जी मान्यता पर हाईकोर्ट सख्त पापा संस्था की रिट पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीबीएसई से मांगा स्पष्टीकरण*

लॉर्ड कृष्णा पब्लिक स्कूल की फर्जी मान्यता पर हाईकोर्ट सख्त पापा संस्था की रिट पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीबीएसई से मांगा स्पष्टीकरण*

*लॉर्ड कृष्णा पब्लिक स्कूल की फर्जी मान्यता पर हाईकोर्ट सख्त पापा संस्था की रिट पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीबीएसई से मांगा स्पष्टीकरण*

त्रिलोक न्यूज़ संवाददाता अजय शर्मा

आगरा । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने लॉर्ड कृष्णा पब्लिक स्कूल की कथित फर्जी मान्यता के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए सीबीएसई बोर्ड से विस्तृत जवाब तलब किया है। यह आदेश रिट याचिका संख्या 13244/2026, प्रोग्रेसिव एसोसिएशन ऑफ़ प्रेंट्स अवेयरनेस बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य में न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की पीठ ने पारित किया। संस्थापक दीपक सरीन बताया कि न्यायालय ने याचिकाकर्ता और प्रतिवादी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद राज्य की ओर से प्रतिवादी संख्या 1 से*फरमा खान ( संवाददाता की रिपोर्ट7 के लिए नोटिस स्वीकार किए जाने का संज्ञान लिया, जबकि प्रतिवादी संख्या 8 और 9 को एक सप्ताह के भीतर नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। मामले की सुनवाई के दौरान प्रतिवादी पक्ष ने याचिका की ग्राह्यता पर आपत्ति जताई, जिसे याचिकाकर्ता की अधिवक्ता मेघा त्यागी और अमन आर्या ने खारिज करते हुए इसे जनहित से जुड़ा विषय बताया। पापा संस्था के संस्थापक दीपक सरीन ने बताया कि अदालत ने स्पष्ट किया कि फिलहाल यह विचार किया जाएगा कि संबंधित विद्यालय के पास संचालन के लिए वैध मान्यता है या नहीं। न्यायालय ने प्रथम दृष्टया मान्यता को संदिग्ध मानते हुए सीबीएसई को निर्देश दिया है कि वह शपथपत्र दाखिल कर विद्यालय की मान्यता की स्थिति स्पष्ट करे। याचिका में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2011 में विद्यालय संचालित करने वाली सोसाइटी का पंजीकरण निरस्त होने के बावजूद 2012 में मान्यता दी गई। इसके अलावा 2015 में भूमि का आंशिक विक्रय, 2018 में पारिवारिक ट्रस्ट के गठन तथा 2023 में आयुक्त न्यायालय के आदेश के बावजूद विद्यालय की वैधानिक स्थिति स्पष्ट नहीं हुई। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अगली सुनवाई 29 अप्रैल 2026 निर्धारित की है और इसे टॉप-20 मामलों में शामिल किया है। याचिकाकर्ता दीपक सरीन ने कहा कि यह प्रकरण छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के प्रवेश से पहले विद्यालय की मान्यता की जांच करने की अपील की है।

अजय शर्मा ( संवाददाता की रिपोर्ट

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